तुम्ही करू शकणाऱ्या सर्वात महत्त्वाच्या गोष्टीपैकी एक गोष्ट म्हणजे स्वतःला ओळखणे, स्वतःवर विश्वास ठेवणे आणि काय करायचं आहे हे माहीत असणे - शैयला मॅरे बेथेल
अर्ध सत्य तुम, अर्ध स्वप्न तुम, अर्ध निराशा आशा,
अर्ध अजित जित, अर्ध तृप्ति तुम, अर्ध अतृप्ति पिपासा,
आधी काया आग तुम्हारी, आधी काया पानी,
अर्धांगिनी नारी ! तुम जीवन की आधी परिभाषा !
आज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं।
You are too good
Women you are you are so strong
You know that sense of pride you belong
You make it happen with your will
You go beyond the things to fill
The love and passion that you share
And the way you have that care
You are a role model for people around
It's always the pure love that surrounds
Being a woman that you are
Happy women's day
You are a super star!
A beautiful women,
a great friend
and
a wonderful mother.
You are all this to me
and much more…
I feel so lucky and proud to have a mom like you.
Happy Women’s Day to Mother
With you by my side,
I’ve found all that I’ve been waiting for!
I couldn’t have asked for more… I love you.Happy Women’s Day !
औरत प्यार-मोहब्बत करने वाले को शायद भूल जाए, पर इज्ज़त करने वालों को कभी नहीं भूलती! नारी का सम्मान सबका परम कर्तव्य है! 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की आपको हार्दिकशुभकामनाएं! 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की आपको हार्दिकशुभकामनाएं! औरत का इस दुनिया में मान है औरत एक बहन है एक बेटी है, एक पत्नी…
कोई महिला, महिला बनकर जन्म नहीं लेती, बल्कि वह महिला बनती है
- सिमोन डे बियोवोअर
With you by my side,
I’ve found all that I’ve been waiting for!
I couldn’t have asked for more… I love you.Happy Women’s Day !
Behind every successful man, there is a woman,
She becomes his pillar of strength,
his umbrella when it rains trouble,
she is the provider, the creator.
Cheers to the strength of womanhood,
the destroyer of evil and the creator.
Happy Women's Day
🌿🙏🏻🌿🌸🍀
इतरांना धक्का न देताही तुम्ही शिखर गाठू शकता
👏❤
You are without
You give without a word in life
You have your way of strive
You never ask for reason in love
You never have any negative emotions inside
You are true and you are loving in life
And that makes you perfect in things
Life without you is nothing
So a big thank you to a powerful woman I know
Happy women's day to you!
उस खास दिन की बहुत शुभकामनाएं जो तुम्हारी ही तरह खास है
हैपी विमिन्स डे।
Devi ka daaman hai bada…Diya usane apana pyaar saara….Kehlayi voh stri, kehlayi woe k naari….Ban kar ek aadarsh usane kiya jag ko ujiyara…. Happy International Women’s Day
“Women have served all these centuries as looking glasses possessing the magic and delicious power of reflecting the figure of a man at twice its natural size.”
Har Ek Rishte Ko Nibhaana Iske Liye Ek Farz keh Lata Hai….
Iske hirday mein Sab ke Liye Sirf pyaar Hi Pyaar Reh Jaata Hai….
Pehle Beti, Phir Behan, Phir Patni, Phir Bahu, Phir Maa, Phir Daadi-Naani….
हे नारी तू सीता के मन में समाई;
तू राधा के मन में समाई;
साधू संत जिसे स्वर्ग कहते;
तू धरती पर वही मुक्ति है।
महिला दिवस मुबारक हो!
उसका दामन है बड़ा…दिया उसने अपना प्यार सारा
कहलाई वो स्त्री, कहलाई वो एक नारी
बनकर एक आर्दश उसने किया जग में उजियारा
Happy Women's Day
Women is symbol of Shakti, approved
God’s finest & beautiful creation
without whom no creation is possible.
One who gives birth n nurtures.
Happy women’s day
A lot of guys think the larger a woman’s breasts are, the less intelligent she is. I don’t think it works like that. I think it’s the opposite. I think the larger a woman’s breasts are, the less intelligent the men become.
देवी का दामन है बड़ा
दिया उसने अपना प्यार सारा
कहलाई वो स्त्री, कहलाई वो नारी
बनकर एक आदर्श उसने किया जग को उजियारा
Happy International women's Day
Wishing a very happy women’s day to the most amazing woman I know…
A woman is a blend of love, beauty, brain and courage.
Here's wishing you a very Happy Women’s Day
भृणहत्या
का उठलात जिवावर माझ्या
मि आहे कळी लहान,
मि तर इवली फुलपाकळी
उमलुन होईल महान.
त्याने दिली जर मजला चोच
दाना देईल तोच पाहुनी,
बापा तू का व्यर्थ काळजीत रे
बसलासी दडुनी.
चिमूकलेच पाय माझे
चिमूकलेच हात लहान,
करुनी ओजंळ पुढ्यात तुमच्या
मागते जगण्याचे दान,
मि तर इवली फुलपाकळी
उमलुन होईल महान.
दिवाच हवा तुम्हा सगळ्यांना
मि तर त्यातली वात वाहिनी,
व्यर्थ ठरेल तोही मचवाचुन
तव असाच देशाल कोप-यात ठेवुनी.
फुलू द्या असेच झाङावरती
नका घेऊ माझा प्राण,
पाहून दिपतील चंद्र तारे कर्तृत्व माझे
असा पायावर तुमच्या आणून ठेविल वान,
मि तर इवली फुलपाकळी
उमलून होईल महान.
किती करू आर्जव तुम्हाकडे
मि तर आहे बंदिस्त गर्भातुनी,
येऊ द्या जन्मास मला
प्रेमातुनी प्रेम देईल सर्वञ सांङूनी.
अस्तित्व मि आई तुझे
एकदा मिळव पुन्हा जगण्याचा मान,
पावलांनी माझ्या इवल्याशा
हुङकू जिवनाचे रान,
मि तर इवली फुलपाकळी
उमलुन होईल महान.
A beautiful woman must expect
to be more accountable for her steps,
than one less attractive.Happy Women’s Day!
हजारों दीपक चाहिए एक आरती सजाने के लिए।
हजारों बूंद चाहिए समुद्र बनाने के लिए,
मगर एक स्त्री अकेली ही काफी है,
एक घर को स्वर्ग बनाने के लिए।
आपको महिला दिवस की हार्दिक बधाई
“A feminist is anyone who recognizes the equality and full humanity of women and men.”
मैं किसी समुदाय की प्रगति महिलाओं ने जो प्रगति हांसिल की है उससे मापता हूँ।
क्योंकि नारी महान होती है।
मन ही मन में रोती फिर भी बाहर से हँसती है
बार-बार बिखरे बालों को सवारती है
शादी होते ही उसका सब कुछ पीछे छुट जाता है
सखी – सहेली,आजादी, मायका छुट जाता है
अपनी फटी हुई एड़ियों को साड़ी से ढँकती है
स्वयं से ज्यादा वो परिवार वालों का ख्याल रखती है
सब उस पर अपना अधिकार जमाते वो सबसे डरती है।
शादी होकर लड़की जब ससुराल में जाती है
भूलकर वो मायका घर अपना बसाती है
जब वो घर में आती है तब घर आँगन खुशियो से भर जाते हैं
सारे परिवार को खाना खिलाकर फिर खुद खाती है
जो नारी घर संभाले तो सबकी जिंदगी सम्भल जाती है
बिटिया शादी के बाद कितनी बदल जाती है।
आखिर नारी क्यों डर-डर के बोलती, गुलामी की आवाज में?
गुलामी में जागती हैं, गुलामी में सोती हैं
दहेज़ की वजह से हत्याएँ जिनकी होती हैं
जीना उसका चार दीवारो में उसी में वो मरती है।
जिस दिन सीख जायेगी वो हक़ की आवाज उठाना
उस दिन मिल जायेगा उसके सपनो का ठिकाना
खुद बदलो समाज बदलेगा वो दिन भी आएगा
जब पूरा ससुराल तुम्हारे साथ बैठकर खाना खायेगा
लेकिन आजादी का मतलब भी तुम भूल मत जाना
आजादी समानता है ना की शासन चलाना
रूढ़िवादी घर की नारी आज भी गुलाम है
दिन भर मशीन की तरह पड़ता उस पर काम है
दुःखों के पहाड़ से वो झरने की तरह झरती है
क्योंकि नारी महान होती है।
Whatever you do, you do it with grace, style, warmth and a smile! (Tell me your secret, will you?)
Every now and then, remind yourself that you are the best..
Wish you a very happy women’s day..
Its you who’s making the difference in so many lives..
and I am one of them.
Have a wonderful day!
She is a friend when you need her the most
She is loving when you feel deprived in life
She is a caretaker when you need someone besides
She is a lovely cook who feeds you
She is happy and makes you smile too
She is lovely in each role that she plays
That makes her lovely in every situation and through
She makes a wonderful woman
Happy women's day to all the lovely women!
क्योंकि नारी महान होती है।
मन ही मन में रोती फिर भी बाहर से हँसती है
बार-बार बिखरे बालों को सवारती है
शादी होते ही उसका सब कुछ पीछे छुट जाता है
सखी – सहेली,आजादी, मायका छुट जाता है
अपनी फटी हुई एड़ियों को साड़ी से ढँकती है
स्वयं से ज्यादा वो परिवार वालों का ख्याल रखती है
सब उस पर अपना अधिकार जमाते वो सबसे डरती है।
शादी होकर लड़की जब ससुराल में जाती है
भूलकर वो मायका घर अपना बसाती है
जब वो घर में आती है तब घर आँगन खुशियो से भर जाते हैं
सारे परिवार को खाना खिलाकर फिर खुद खाती है
जो नारी घर संभाले तो सबकी जिंदगी सम्भल जाती है
बिटिया शादी के बाद कितनी बदल जाती है।
आखिर नारी क्यों डर-डर के बोलती, गुलामी की आवाज में?
गुलामी में जागती हैं, गुलामी में सोती हैं
दहेज़ की वजह से हत्याएँ जिनकी होती हैं
जीना उसका चार दीवारो में उसी में वो मरती है।
जिस दिन सीख जायेगी वो हक़ की आवाज उठाना
उस दिन मिल जायेगा उसके सपनो का ठिकाना
खुद बदलो समाज बदलेगा वो दिन भी आएगा
जब पूरा ससुराल तुम्हारे साथ बैठकर खाना खायेगा
लेकिन आजादी का मतलब भी तुम भूल मत जाना
आजादी समानता है ना की शासन चलाना
रूढ़िवादी घर की नारी आज भी गुलाम है
दिन भर मशीन की तरह पड़ता उस पर काम है
दुःखों के पहाड़ से वो झरने की तरह झरती है
क्योंकि नारी महान होती है।
मुस्कराकर, दर्द भुलाकर
रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी
हर पग को रोशन करने वाली
वो शक्ति हैं एक नारी
Happy Women's Day
Wishing a very happy women’s day to the most amazing woman I know…
पापा की वो लाड़ली, माँ की वो जान,
दिल नादान, पर करती है,
सबके लिए अपनी जान कुर्बान,
है भाइयों की मुस्कान, परिवार की शान,
ये है एक लड़की की पहचान..
Happy Women’s Day !
Aurat ka is duniya mai maan hai, Aurat ek behan hai, ek beti hai, ek patni hai, Aurat ke bina yeh jahaan kuch bhi nahi hai “Happy Women’s Day”
"खतना प्रथा ' अन माणुसकीचा खातमा
मुलींचा लैंगीक “खतना” : ही नृशंस प्रथा सर्रास दुर्लक्षित का राहतेय?
लाडी गोडी लावून ते लोक तुम्हाला बोलावतात,कधी चॉकोलेट, कधी गार्डन, कधी खेळणी.. आशेने आपण देखील त्यांच्याकडे जातो, ते नेतील तिथे.. मग ती कधी अंधारी खोली असते तर कधी एखादा गोठा…
आणि तिथे आपल्यासोबत आपल्याच आई, आज्जी किंवा एखाद्या बुजुर्ग महिलेकडून खतना करवून घेतला जातो.
तेही तुम्ही फक्त तुम्ही ६ ते १० वर्षे वयाच्या असताना.
अगदी धारदार ब्लेड, सूरी, कटर, कात्री किंवा धारदार आणि लांब हत्यार जे उपयुक्त असेल आणि त्याने मुलींच्या जननेंद्रियातील योनीवरील शिश्निका कापली जाते. शिश्निका हा एक असा अवयव आहे जो वयात आल्यानंतर महिलांना प्रणयातील सुख मिळवून देण्यास मदत करतो.
पण संस्कृतीच्या नावाखाली हा प्रकार सर्रास केला जातो.
त्यांच्या धार्मिक संस्कृतीमध्ये हे करणे म्हणजे मुलींची वाढ योग्य दिशेने करत आहोत असे दर्शविण्यासारखे आहे.
यालाच female genital mutilation, त्यांचा भाषेत “खतना”किंवा “खफझ” असे म्हणतात.
हा अमानवी आणि अत्याचारी प्रकार कित्त्येक दशकांपासून (कि शतकांपासून?) सुरूच आहे. पण यामागे धार्मिक कारण असल्यामुळे, यांच्या परिणामांचा विचार केलाच जात नाही. असेही मानवजातीत धर्म म्हटल्या नंतर परिणामांचा विचार करणे येतेच कुठे?
हे भारतात देखील मुस्लिम बोहरा समाजामध्ये अजूनही केलेच जाते. भारतात देखील यावर बंदी आणणारा कोणतेच कायदेशीर कलम नाही.
The United नेशन्स यांनी या प्रथेला ‘मानवी अधिकारांचे उल्लंघन’ असे म्हटले असूनही भारतात अजून पर्यंत काही बंदी आणली गेली नाही.
“कोठून आली हि प्रथा ?”
या प्रथेची सुरुवात कधी व कोठे झाली, हे शोधणे अवघड आहे, पण मुस्लिम धर्माच्या संस्कृतीमध्ये याचा उल्लेख आढळतो, ही प्रथा अनेक शतकांपासून पाळली जाते, जिथे जिथे मुस्लिम देश, मुस्लिम लोक व वस्ती असते, तिथे हा प्रकार त्यांच्यात होताना दिसतो.
आशिया-आफ्रिका मध्ये असलेल्या बहुतांशी देशांमध्ये हा पायंडा पडलेला आहे. बोहरा समुदायातील लोक हि मुख्यतः पाळतात. जागतिक आरोग्य संघटनेच्या मते, आफ्रिका आणि आशिया मधील जवळपास ३० ते २० करोड पेक्षा जास्ती मुलींचा खतना झाला आहे.
आजी कडून नातीस, आई कडून मुलीस किंवा घराण्यातील मोठ्या स्त्रियांकडून लहान मुलींना, हि “दीक्षा (कि शिक्षा?)” दिली जाते.
इस्लामी संस्कारात बाकी संस्काराप्रमाणेच याला देखील प्रवृत्त केले जाते, खतना हा मुलींचा च नाही तर मुलांचा देखील होतो पण तो सर्वश्रुत आहे, त्याला सुंता असेही म्हटले जाते आणि जाहीरपणे होतो.
पण मुलींचा खतना हा कधीच चर्चेचा विषय नसतो, तो अजूनही बऱ्याच लोकांना माहित देखील नसेल.
८ मे,ला सुप्रीम कोर्टाने यावरील याचिकेवर सुनवाई केली तेव्हा हा विषय पुनश्च प्रकाशात आला.
या आधी अमेरिका च्या डेट्रायट मध्ये एका डॉक्टरला एका महिलेचा खतना करण्याचा आरोपाखाली नोकरीवरून काढून टाकण्यात आले.
अमेरिकेसारखा प्रगत देशात देखील अजून ही प्रथा पूर्णपणे बंद करू शकलेला नाही.
“काय असते Female genital mutilation?? “
Female genital mutilation (खतना) म्हणजे एक असा प्रकार आहे जो मुलीला किंवा महिलेला भूल न देता किंवा तिला बेशुद्ध न करता तिच्यासोबत जबरदस्तीने केला जातो. असंही कोणी राजीखुशीने आपल्या जननेंद्रियास इजा का करवून घेईल म्हणा!
तर, यात धारदार हत्याराने, मुलींच्या जननेंद्रियातील असा एक भाग कापून त्याचा लचका तोडून फेकला जातो जो त्यांच्या मते “गरजेचाच नाही”.
तो भाग म्हणजेच शिश्निका. ज्याला ‘मदनाचल’ किंवा ‘योनिलिंग’ असेही म्हणतात.
जी त्यांच्या मते एक ज्यादाची त्वचा असते जिचा काही उपयोग देखील नसतो आणि ती असल्या नसल्याचा स्त्रियांच्या शरीरावर किंवा गर्भधारणेवर कोणताही विपरीत परिणाम होत नसतो.
यात अश्या धारदार शस्त्राने योनीचा एक अतिशय संवेदनशील भाग कापल्यामुळे अतोनात वेदना होतात ज्या त्या ६ ते १० वर्षांमधील मुलींसाठी अगदीच असह्य असतील.
यात रक्तपात देखील होतो पण ती एक धार्मिक प्रथा असल्यामुळे, लोक आपल्या लेकीबाळींच्या भल्यासाठी करतही असतील.
“कोण करतात खतना ?”
या कोणी प्रशिक्षित स्त्रिया किंवा डॉक्टर नसतात, पण अश्या स्त्रिया ज्यांना यातील थोडीबहुत माहिती असते, त्या यात सहभाग घेऊन शिश्निका कापण्यास किंवा खतना करण्यास हातभार लावतात, यामागील विज्ञान कदाचित त्यांनाही माहित नसेल, त्याही कदाचित आंधळेपणाने या प्रथेला अनुसरत असतील.
पण याचे बरेच भयानक परिणाम त्यांच्या आयुष्यावर पाहायला मिळतात ज्यांचा खतना नुकताच झालेला असतो किंवा लहानपणी केला गेलेला असतो.
“खतन्याचे दुष्परिणाम”
एकतर हा प्रकार कसलीही भूल न देता केला जातो त्यामुळे त्या वेदना अतिशय तीव्र आणि सहन करण्या पलीकडच्या असणार. त्यातच कसलीही योग्य कार्यपद्धती नसल्यामुळे, हे अतिशय ढोबळपणाने केले जाते.
त्यात त्या स्त्रीची इच्छा नसताना जोरजबरदस्तीने हा प्रकार होतो यात कमी जास्ती काही कापण्याची शक्यता देखील असते.
ज्यामुळे आणखी दुखापत होऊ शकते, या जागी टाके देखील टाकता येत नाहीत. त्यामुळे ती जखम उघडीच राहते व कालांतराने भरून येते.
ज्या महिलांनी हे भोगले आहे त्यांचे काही अनुभव असे सांगतात..
‘हा प्रकार होत असताना त्यांना प्रचंड भीती वाटली, सुरुवातीला काय करत आहेत ते देखील समजले नसणार कारण ते वय देखील लहान असते.
खतना झाल्यानंतर त्यातून रक्तस्त्राव खूप प्रमाणात होतो, कारण जननेंद्रिय हा एक महत्वाचा अवयव आहे.
तसेच नंतर बरेच दिवस शौचास बसताना आणि लघवी करताना वेदना आणि लघवीमुळे जळजळ होत असते. गुप्तांग आपण कायम झाकलेले ठेवतो आणि ती जागा सहसा कोरडी राहत नाही त्यामुळे नेहमीच बंद असल्यामुळे बाकी जखमांपेक्षा तिला भरायला वेळ जास्ती लागतो काही लोकांना जखम चिघळणे किंवा सेप्टिक (दूषित होणे किंवा जखम सडणे) असे प्रकार होतात.
यावर औषधोपचार न घेतल्याने याचे काहींवर गंभीर दुष्परिणाम होत असावेत.’
“खतना आणि लैंगिक जीवन”
हे काही काळाने थांबतही असेल कारण जखम भरून आल्या नंतर काही दुखत नसावे पण, याचा स्त्रीच्या आयुष्यभरावर होणार परिणाम म्हणजे त्यांना प्रणयातील आनंद कधीच मिळवता येत नाही.
रतिसुखातील परमोच्च बिंदूचं तर सोडाच, त्यांच्यासाठी सेक्स करणे म्हणजेच फक्त लग्नानंतर करावाच लागत असावा असा एक प्रकार असतो.
नाव न सांगण्याच्या अटीवर बोहरा कमिटीमधील एका महिलेने सांगितले की,
“मी सेक्सचा आनंद घेतल्याचे मला कधीच आठवत नाही, मी नेहमी विचार करते कि माझा खतना झाला नसता तर ते किती आनंददायी असले असते, दुःखाची गोष्ट अशी आहे कि मला या आयुष्यात कधी कळणार देखील नाही.”
का होत असावे असे?
कारण शिश्निका हि अशी जागा आहे जिथे शरीरातील खुपश्या मज्जातंतूंच्या शेवट होतो, ज्यामुळे सेक्स मधील आनंद किंवा समाधान हे त्यांच्याद्वारे स्त्रीला मिळत असते, पण इथे शिश्निकाच कापलेली असल्यामुळे, त्या स्त्रिया या आनंदास मुकतात.
सेक्स हा केवळ एक त्रासदायक प्रकार यांना वाटू शकतो.
“पण अशी अमानवी प्रथा कशासाठी ?”
त्यांचा मते शिश्निका कापून टाकणे म्हणजे बाईला चांगल्या संस्कारात आणण्या सारखे आहे, यामुळे स्त्री ‘बदफैली’ होण्यापासून तिला मज्जाव करता येऊ शकतो. योनीला ‘हराम कि बोटी’ किंवा ‘पापाचे स्रोत’ तर शिश्निकेला ‘अवांछित त्वचा’ असे देखील म्हटले जाते, ही प्रथा मूलतः पितृसत्ताक किंवा पुरुषप्रधान संस्कृतीमधून आलेली आहे.
जर स्त्रीला कळले की, ती या सेक्स किंवा प्रणयाच्या प्रकारांतून आनंद मिळवू शकते तर ती भलतीकडे वाहवत जाईल त्या वागण्याला आळा घालता यावा म्हणून हि प्रथा केली जाते.
मुळात स्त्रीला यातून आनंद मिळूच नये असा यामागे उद्देश असावा.
हा खतना प्रकार लहान असतानाच केला जातो कारण त्या वयात दुःख विसरणे सहज सोपे असते आणि जखमा देखील लवकर भरल्या जातात, असे मानसशास्त्रज्ञांचे मत आहे.
“आणखी किती छळवणूक ?”
खतना या प्रकाराने आजवर कितीतरी आनंदाचे, स्त्रीसुखाचे आणि बालपणाचे बळी दिले असतील. पण हीच प्रथा आणखी किती दिवस चालणार आणि चालवून घेणार ? वैज्ञानिकदृष्ट्या पाहावे तर याची काहीएक गरज नसते. यात फक्त एक प्रथा पाळण्यासाठी आपण स्त्रीस्वातंत्र्यावर गदा आणत आहोत.
त्या स्त्रीवर होणाऱ्या शारीरिक तसेच मानसिक परिणामांची गणना कुठेच करता येणार नाही.
चिमुरडी पोर आपले पोलके/फ्रॉक सांभाळत कोणाकडे धाव घेईल जेंव्हा तिच्या आईने स्वतःच तिला त्या खोलीत या “दिव्य” प्रकारासाठी नेले असेल?
धर्मातील प्रथा बाजूला ठेवून किंवा या प्रथेला चर्चेत आणल्याने चुकीचे झालेय असे वाटण्यापेक्षा एक सुशिक्षित माणूस म्हणून एकदा याचा विचार प्रत्येकाने केलाच पाहिजे… इथे पण ‘त्या’ चिमुरडीचा काय दोष? सांगा ना…
With you by my side,
I’ve found all that I’ve been waiting for!
I couldn’t have asked for more… I love you.Happy Women’s Day !